Home News Rakshabandhan celebrated in Ajmer Central Jail | भाइयों की कलाई पर बहनों ने बांधी राखी, आंखें भी झलक उठी, भाई के रिहाई की दुआ मांगी | The Rajdhani Times

Rakshabandhan celebrated in Ajmer Central Jail | भाइयों की कलाई पर बहनों ने बांधी राखी, आंखें भी झलक उठी, भाई के रिहाई की दुआ मांगी | The Rajdhani Times

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Rakshabandhan celebrated in Ajmer Central Jail | भाइयों की कलाई पर बहनों ने बांधी राखी, आंखें भी झलक उठी, भाई के रिहाई की दुआ मांगी | The Rajdhani Times

अजमेरएक घंटा पहले

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अजमेर सेंट्रल जेल में मनाया रक्षाबंधन

अजमेर की सेंट्रल जेल में रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया गया। क्षणिक आवेश में हुए अपराध की सजा काट रहे भाइयों की कलाई पर बहन ने रक्षा सूत्र बांधा तो दोनों की आंखें भर आई। बहनों ने इस मौके पर अपने भाई के रिहाई की दुआ भी मांगी। जेल की सलाखों के पीछे से भाइयों ने अपनी बहन के सुखी जीवन की कामना की।

बुधवार को रक्षाबंधन के पर्व पर सेंट्रल जेल के बाहर सुबह से ही बहनों का ताता देखने को मिला। सेंट्रल जेल प्रशासन ने कैदी भाइयों व उनकी बहनों के लिए विशेष इंतजाम किए। जेल व जिला पुलिस ने जेल सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए अतिरिक्त जाब्ता भी तैनात किया। जेल के मुख्य द्वार पर जेल प्रशासन ने राखी बांधने की व्यवस्था की। सलाखों के पीछे बैठे भाई को बहन ने राखी बांध मिठाई खिलाई। इस दरमियान बहन-भाइयों की आंखें भी झलक उठी। जेल प्रहरी बहनों की ओर से लाई गई मिठाई व सामान को जांच के बाद भीतर पहुंचने की कवायद में जुटे रहे।

सलाखों के पीछे बैठे भाई को बहन ने राखी बांध मिठाई खिलाई।

सलाखों के पीछे बैठे भाई को बहन ने राखी बांध मिठाई खिलाई।

  • हरियाणा निवासी दयालो ने बताया कि चोरी के मामले में उनका भाई अजमेर की सेंट्रल जेल में 8 सालों से बंद है। रक्षाबंधन के पर्व पर राखी बांधने के लिए जेल में पहुंची है। भाई को राखी बांधकर उसके जल्द जेल से छूटने की दुआ की गई है।
  • डेगाना निवासी रेखा वैष्णव ने बताया कि भाई कहीं पर भी हो बहने राखी बांधने के लिए पहुंचती है। राखी के त्योहार पर सेंट्रल जेल में भाई को राखी बांधने के लिए पहुंची हूं। भाई के राखी बांधकर उसके लंबी उम्र के कामना की गई है।
बहन-भाइयों की आंखें भी झलक उठी।

बहन-भाइयों की आंखें भी झलक उठी।

हर कैदी के हाथों में बंदे रक्षा सूत्र

जेल अधीक्षक सुमन मालीवाल ने कहा कि रक्षाबंधन भाई और बहन का पवित्र त्यौहार है, जो रिश्ता है उसका प्रतीक है। उसको ध्यान में रखते हुए राजस्थान के समस्त जेलों में रक्षाबंधन के त्यौहार को लेकर व्यवस्था की गई है। जेल अधीक्षक ने कहा कि बहनों के द्वारा भाइयों को राखी बांधी जा रही है आज कोई भी बहन बिना राखी के वापस घर पर नहीं लौटेगी।

दृष्टिबाधित बालिकाओं ने बांधी राखी

सेंट्रल जेल में रक्षाबंधन के पर्व पर अजमेर के शास्त्री नगर स्थित दृष्टिबाधित छात्रावास की बालिकाओं ने बुधवार को जेल में बंद कैदियों को रक्षा सूत्र बांधने पहुचीं और उनसे आह्वान भी किया गया कि वह बुराइयों को छोड़कर अच्छाई को अपनाते हुए देश सेवा में जुट जाएं। इस दौरान जेल में बंद बंदी भाई की आंखों में आंसू भी दिखाई दिए।

हाई सिक्योरिटी जेल में भी रक्षाबंधन मनाया

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में भी गुरुवार को रक्षाबंधन का पर्व मनाया। लेकिन इस रक्षाबंधन पर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद हार्डकोर अपराधियों की कलाई सुनी दिखाई दी। हाई सिक्योरिटी जेल में करीब 209 कैदी बंद है।

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– The Rajdhani Times

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